- वित्तीय और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए EOU (आर्थिक अपराध इकाई-आर्थिक और साइबर अपराधों से संबंधित मामलों के लिए नोडल एजेंसी) को मजबूत करें: मुख्य सचिव
- साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई 4 सी) मैं बैंकर्स प्रतिनिधि की तैनाती कराएं आरबीआई, ताकि वित्तीय फ्रॉड करने वाली वेबसाइट को तत्काल ब्लॉक किया जा सके
- वित्तीय पूंजी लेने वाले संस्थानों/ फर्म को BUDS पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए बैंकों की ओर से नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जरूर हो
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में आरबीआई के तत्वाधान में आयोजित 25 वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।
उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर में बैंक प्रतिनिधि की भी अनिवार्य उपस्थिति हो ताकि वित्तीय फ्रॉड करने वाले किसी भी संस्थान /फर्म की वेबसाइट/पोर्टल को तत्काल ब्लॉक किया जा सके और लोगों का वित्तीय नुकसान होने से तत्काल बचाया जा सके।उन्होंने कहा कि लोगों से वित्तीय पूंजी प्राप्त करने वाले संस्थाओं /फर्म का नियमित निवेश (BUDS पोर्टल) की वेबसाइट https//www.niyamitnivesh.in पर पंजीकरण कराने के लिए सभी बैंकों की ओर से नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की जाय। ताकि लोगों को अधिकृत वित्तीय पूंजी प्राप्त करने वाले संस्थान की जानकारी प्राप्त हो सके।
