गैस आपूर्ति पर सरकार सतर्क, वाइब्रेंट विलेज के तहत 402 करोड़ के प्रस्ताव पास

प्रदेश में एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा, पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में एलपीजी गैस की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों के साथ सभी जनपदों के जिलाधिकारियों ने भी वर्चुअल प्रतिभाग किया।
पूर्ति विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुरूप समय पर और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से गैस आपूर्ति की स्थिति पर फीडबैक प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, निगरानी और छापेमारी तेज करने पर जोर


मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एलपीजी गैस एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गैस की अवैध बिक्री और जमाखोरी रोकने के लिए नियमित छापेमारी, स्टॉक की जांच तथा निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न जनपदों में की गई छापेमारी, दर्ज एफआईआर तथा की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया गया। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को गैस कंपनियों और वितरकों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा उन पर सतत निगरानी रखने के भी निर्देश दिए, ताकि गैस आपूर्ति सुचारु बनी रहे और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. एल. फैनई, सचिव शैलेश बगौली, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत 402 करोड़ के नए विकास प्रस्तावों को मंजूरी

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट की एसएलएससी (स्टेट लेवल स्क्रीनिंग कमेटी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत चयनित सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग 402 करोड़ के नए प्रस्तावों का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।
इन प्रस्तावों के तहत गांवों में पर्यटन हाउसिंग, ग्राम अवसंरचना, सड़क संपर्क, सामाजिक विकास, अस्पताल, खेल मैदान, स्मार्ट कक्षाएं, स्मॉल जिम सेंटर, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा कृषि उत्थान से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इन विकास कार्यों से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे तथा गांवों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी।पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ आदर्श गांव बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्य पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता इतनी उत्कृष्ट हो कि ये गांव अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक आदर्श गांव बन सकें।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि योजनाओं से प्राप्त होने वाले आउटकम, लोगों की आजीविका में संभावित बदलाव तथा दीर्घकालिक लाभ का स्पष्ट विवरण भी साझा किया जाए, ताकि योजना के प्रभाव का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।
बैठक में सचिव सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, आलोक कुमार पांडेय, नवनीत पांडेय, वन विभाग से रंजन मिश्र सहित आईटीबीपी, पुलिस तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

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