आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में एचएमआईएस व एचपीआर अनिवार्य
– राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण सभागार में आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम, अस्पतालों ने वर्चुअल भी किया प्रतिभाग
– सभी अस्पतालों को शत प्रतिशत एचपीआर बनाने तथा एचएमआईएस को एबीडीएम से जोड़ने के निर्देश
देहरादूनः राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखंड के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों के प्रतिनिधियों को हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) से जोड़ने तथा हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। सभी अस्पतालों को एचएफआर हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री तथा चिकित्सा कार्मिकों एचपीआर अनिवार्य रूप से बनाने के भी निर्देश दिए गए।
राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी के निर्देर्शोें के अनुक्रम मेें हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में चार दर्जन से अधिक निजी सूचीबद्ध अस्पतालों ने प्राधिकरण पहुंच कर प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया और अन्य ने वर्चुअली ही शिरकत की। प्राधिकरण के निदेशक प्रशासन डा डीपी जोशी व निदेशक क्लेम डा सरोज नैथानी की अध्यक्षता में हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को शत-प्रतिशत एचपीआर यथा समय बनाने तथा अस्पताल के एचएचआईएस को एबीडीएम से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
निदेशक क्लेम डा सरोज नैथानी ने बताया कि एचएमआईएस लागू करने के साथ ही एचपीआर, एचएफआर की शत प्रतिशत प्रगति तथा इससे संबंधित किसी भी समस्या के समाधान को तकनीकी विशेषज्ञ नामित किए गए हैं। इसके पहले चरण में प्रदेश के बड़े जनपदों में सुमार देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व उधम सिंह नगर के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यक्रम में एबीडीएम प्रबंधक प्रज्ञा पालिवाल ने पीपीटी के जरिए सभी अस्पतालों को एबीडीएम के एचएचआईएस को लागू करने तथा हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन करने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने एबीडीएम के महत्व व क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली। एबीडीएम के इस प्रशिक्षण से अन्य जनपदों से अस्पताल वर्चुअली भी जुड़े रहे। प्रशिक्षण के दौरान कई अस्पतालों ने एबीडीएम, एचएमआईएस के क्रियान्वयन तथा एचपीआर, एचएफआर पंजीकरण को लेकर कई सवाल भी किए, एबीडीएम के विशेषज्ञों द्वारा उनका समाधान किया गया।
