मौसम साफ होते ही केदारनाथ यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, 16.21 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे; जाम और घोड़े-खच्चरों से बढ़ी परेशानी

रुद्रप्रयाग। मौसम साफ होने के बाद बाबा केदारनाथ की यात्रा ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 15 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर रहे हैं। इस वर्ष अब तक केदारनाथ धाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या 16 लाख 21 हजार के पार पहुंच चुकी है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से यात्रा कारोबार को भी गति मिली है, लेकिन इसके साथ ही यातायात जाम, पैदल मार्ग की अव्यवस्थाएं और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही यात्रियों के लिए चुनौती बनी हुई है।

19 किमी पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों से परेशानी

यात्रा के दूसरे चरण में मौसम अनुकूल होने के बाद गौरीकुंड से केदारनाथ तक करीब 19 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कई स्थानों पर रास्ता संकरा और संवेदनशील होने के कारण पैदल यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में भी यात्रियों को सावधानी से आवाजाही करनी पड़ रही है।

संकरे मार्ग पर पैदल यात्रियों के बीच घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी परेशानी का कारण बन रही है। यात्रियों की शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने घोड़ा-खच्चर संचालन व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी है। म्यूल टास्क फोर्स द्वारा पैदल मार्ग पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान घोड़ा-खच्चर संचालकों और हॉकरों के आईडी कार्ड व लाइसेंस की जांच की जा रही है। संचालकों को निर्धारित रूट पर ही घोड़े-खच्चर संचालित करने और यात्रा संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

फाटा-सोनप्रयाग हाईवे पर घंटों जाम

केदारनाथ यात्रा के दौरान फाटा से सोनप्रयाग के बीच हाईवे पर लगने वाला जाम भी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। यात्रा सीजन में वाहनों का दबाव बढ़ने से कई बार यात्री घंटों जाम में फंस रहे हैं। रात के समय भी यातायात प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

बीकेटीसी सदस्य विनीत पोस्ती ने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तैयारी की गई है। धाम पहुंचने वाले यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बीकेटीसी स्तर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

वहीं, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जाम की समस्या के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पैदल मार्ग पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

‘कैरी मी बैक’ अभियान को मिल रहा श्रद्धालुओं का साथ

केदारनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन की ‘कैरी मी बैक पॉलिसी’ भी प्रभावी साबित हो रही है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर पंचायत केदारनाथ, हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित इस अभियान में अब तक 5,117 श्रद्धालु सहभागी बन चुके हैं।

अभियान के तहत श्रद्धालुओं को विशेष बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें वे प्लास्टिक बोतल, रैपर, पैकेजिंग सामग्री और अन्य सूखा कूड़ा एकत्र कर वापस गौरीकुंड तक ला रहे हैं। अब तक करीब 12 टन सूखा कूड़ा केदारनाथ से गौरीकुंड पहुंचाया जा चुका है। प्रशासन श्रद्धालुओं की इस पहल को धाम को प्लास्टिक मुक्त रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।

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