देहरादून कोर्ट पहुंचे दोनों, कथित वीआईपी और वायरल ऑडियो को लेकर फिर उठे सवाल; लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान को लेकर जारी चर्चाओं के बीच शुक्रवार को उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ देहरादून कोर्ट पहुंचे। उर्मिला सनावर ने नार्को टेस्ट कराने की मांग करते हुए दावा किया कि इससे अंकिता भंडारी, नीलम और अंकित से जुड़े मामलों के कई सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं। वहीं, सुरेश राठौड़ ने भी नार्को टेस्ट के लिए अपनी सहमति जताते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही।
मीडिया के सामने टेस्ट कराने की मांग
उर्मिला सनावर ने मांग की कि उनका नार्को टेस्ट मीडिया के सामने कराया जाए, ताकि सच्चाई सार्वजनिक हो सके। उन्होंने सुरेश राठौड़ और दुष्यंत गौतम पर गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें जांच में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
सुरेश राठौड़ ने दिखाई सहमति
पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने कोर्ट पहुंचकर नार्को टेस्ट के लिए सहमति से जुड़ा पत्र मीडिया को दिखाया। उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, वायरल ऑडियो को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाए हैं।
कथित वीआईपी की पहचान पर फिर चर्चा
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। वायरल ऑडियो और उससे जुड़े दावों के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में है। उर्मिला सनावर के दावों और सुरेश राठौड़ की सहमति के बीच अब आगे की जांच पर नजर रहेगी। नार्को टेस्ट कराने और उसके निष्कर्षों को लेकर कोई अंतिम निर्णय या नतीजा सामने आने तक इन दावों को आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
