जिले में अब तक 127 सैंपल की जांच, अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया; ऑक्सीजन बेड किए गए रिजर्व
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले लगातार सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। जिले में अब तक 127 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 18 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमण के चलते अब तक चार मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पॉजिटिव मिले मरीजों में अधिकांश नैनीताल जिले से हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत अन्य जिलों के मरीज भी नैनीताल के अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। दो संक्रमित मरीज दूसरे राज्यों से भी बताए गए हैं। सभी मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार अलग-अलग अस्पतालों में इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

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चार मरीजों की हो चुकी मौत
नैनीताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के अनुसार, जिले में स्वाइन फ्लू से अब तक चार मरीजों की मौत हुई है। इनमें दो मरीज नैनीताल जिले के थे, जबकि बागेश्वर और पिथौरागढ़ के एक-एक मरीज की भी संक्रमण के चलते मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड रिजर्व रखे गए हैं, ताकि गंभीर मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
लंबे समय तक लक्षण रहने पर कराएं जांच
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वाइन फ्लू को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी, बुखार, जुकाम या अन्य संबंधित लक्षण बने रहते हैं तो इसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि सात दिन से अधिक समय तक लक्षण बने रहने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल संक्रमित मरीजों की निगरानी, उपचार और संक्रमण की समय पर पहचान पर विशेष ध्यान दे रहा है।
